तो सरकार ने घोषणा कर ही दिया है, 8th Pay Commission का, और ऐसा बताया भी जा रहा है कि 1 जनवरी, 2026 को यह लागू हो जाएगा, लेकिन चूँकि अभी तक न इसके Chairperson की नियुक्ति हुई है और न ही, और न ही सरकार ने इसके ऊपर कोई अपडेट दिया है, खैर 8th Pay Commission कभी-न-कभी तो लागू होगा ही। ये एक ऐतिहासिक कदम है, क्योंकि सैलरी स्ट्रक्चर में बदलाव के कारण लाखों सरकारी कर्मचारियों की जिंदगी में बड़ा असर होने वाला है। तो आज का सवाल है कि किस Pay Commission में सबसे ज्यादा सैलरी बढ़ी थी, और क्या 8th Pay Commission 40% से ज्यादा सैलरी वृद्धि कर पाएगा?
अगर डाटा को देखा जाए तो पहला Pay Commission 1956 में लागू हुआ था, और उस समय पर, इसका जो बेसिक सैलरी था, वह 55 रुपये था। उस समय की तुलना में, आज की सैलरी में जो वृद्धि हुई है, वह सच में अभूतपूर्व है। तब से लेकर अब तक सैलरी में बहुत सारे बदलाव हुए हैं, और हर Pay Commission में बदलाव होता गया। 7th Pay Commission में बेसिक पे 18,000 रुपये हो गया था। बहुत सारे बदलाव हुए, इकाइयाँ और Allowances को भी जोड़ा गया, जिससे कर्मचारियों की सैलरी में भी काफी बढ़ोतरी देखने को मिली।
Pay Commission | Fitment Factor |
---|---|
1st Pay Commission (1956) | 1.00 |
2nd Pay Commission (1961) | 1.25 |
3rd Pay Commission (1973) | 1.86 |
4th Pay Commission (1986) | 2.00 |
5th Pay Commission (1996) | 2.50 |
6th Pay Commission (2006) | 2.57 |
7th Pay Commission (2016) | 2.57 |
अगर तब से लेकर अब तक देखा जाए तो 7th Pay Commission में सैलरी सबसे ज्यादा बढ़ी थी। इसमें लगभग 40% का इज़ाफा हुआ था। मतलब इससे पहले वाले Pay Commission में बेसिक पे करीब 13,000 रुपये था और अब डायरेक्ट बढ़कर 18,000 रुपये हो गया, जिससे यह प्रतिशत वृद्धि इतनी बड़ी हुई। इसे भी ध्यान में रखते हुए, बहुत सारे नए Allowances भी जोड़े गए थे, जैसे कि HRA, TA, और अन्य सुविधाएँ, जो कर्मचारियों के जीवन स्तर में बहुत बड़ा बदलाव लेकर आईं। साथ ही साथ, फिटमेंट फैक्टर को लेकर भी काफी सुधार हुआ था, जो अब तक के सभी Pay Commissions में सबसे बड़ा था।
अब प्रश्न उठता है कि क्या 8th Pay Commission में 40% से ज्यादा वृद्धि संभव है? यह सवाल हर किसी के दिमाग में आ रहा है क्योंकि सरकारी कर्मचारी हमेशा यही चाहते हैं कि उनकी मेहनत का सही मूल्य मिले। तो जो एक्सपर्ट इस विषय पर गहरी जानकारी रखते हैं, उनका कहना है कि ज्यादा से ज्यादा फिटमेंट फैक्टर 1.80 से 1.90 तक हो सकता है। अब, फिटमेंट फैक्टर का मतलब क्या है? यह वह फैक्टर होता है जिससे कर्मचारियों की सैलरी की गणना की जाती है। पहले 7th Pay Commission में फिटमेंट फैक्टर 2.57 था, लेकिन अब 8th Pay Commission के लिए 1.80 से 1.90 के बीच का अनुमान है।
Pay Commission | Basic Salary (Rs.) | Percentage Increase |
---|---|---|
1st Pay Commission (1956) | 55 | – |
2nd Pay Commission (1961) | 80 | 45% |
3rd Pay Commission (1973) | 300 | 275% |
4th Pay Commission (1986) | 1,200 | 300% |
5th Pay Commission (1996) | 3,000 | 150% |
6th Pay Commission (2006) | 7,000 | 133% |
7th Pay Commission (2016) | 18,000 | 157% |
और अगर मान लीजिए 1.80 फिटमेंट फैक्टर होता है, तो इससे सैलरी बढ़कर लगभग 32,000 रुपये तक हो जाएगी। इससे पहले वाले Pay Commission में सैलरी 18,000 रुपये थी, तो यह लगभग 80% से ज्यादा की वृद्धि है। लेकिन इससे 40% वाली वृद्धि को तो पार नहीं किया जा सकता है, और यहां तक कि Kotak Bank ने भी यह बात कही है कि 13-14% तक सैलरी में वृद्धि हो सकती है, जो कि 40% से काफी कम है।
Pay Commission | Fitment Factor | Percentage Increase |
---|---|---|
6th Pay Commission (2006) | 2.57 | 0% |
7th Pay Commission (2016) | 2.57 | 0% |
5th Pay Commission (1996) | 2.50 | 3.92% |
4th Pay Commission (1986) | 2.00 | 25% |
3rd Pay Commission (1973) | 1.86 | 43% |
2nd Pay Commission (1961) | 1.25 | 25% |
1st Pay Commission (1956) | 1.00 | – |
इसलिए, यह कहा जा सकता है कि 8th Pay Commission में 40% से ज्यादा वृद्धि शायद मुश्किल हो, लेकिन फिर भी सरकारी कर्मचारियों के लिए यह एक सकारात्मक बदलाव हो सकता है। अब देखते हैं, क्या होता है, अंत तो सरकार के ऊपर ही है, और कब वो इन सभी बदलावों को लागू करेगी, यह केवल वक्त ही बताएगा। उम्मीद यही है कि सरकार जल्द ही इस पर विचार करेगी और कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर लाएगी।