क्या बनेगा नया रिकॉर्ड? सिर्फ 1 साल में लागू होगा 8वां वेतन आयोग या फिर होगी देरी?

तो केंद्र सरकार ने जनवरी 2025 में 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के गठन की घोषणा की थी और कहा था कि 1 जनवरी 2026 से इसको Implement कर दिया जाएगा, यानी सरकार ने खुद को सिर्फ एक साल का समय दिया लेकिन अब तक कुछ अपडेट नहीं, न Chairperson, न Terms of Reference और यहाँ तक की अक्टूबर महिना भी बीतने को हैं, लेकिन अब सवाल यह है कि क्या वास्तव में सरकार रिकॉर्ड बनाएगी और 2026 में किसी भी टाइम पर सच में लागू कर देगी और आयोग की रिपोर्ट इतिहास में पहली बार 1 साल से भी कम समय में लागू होगी, चूँकि इतना जल्दी कोई भी pay Commission अभी तक तो लागू नहीं हुआ हैं, या फिर पिछली बार की तरह इसमें भी देरी होगी?

क्या बनेगा नया रिकॉर्ड

8th Pay Commission पर क्यों उठ रहा है यह सवाल कि यह 2026 में लागू करना मुश्किल हैं?

पहले से सातवें वेतन आयोग तक के जितने भी Pay Commission रहे हैं, सभी को लागू होने में 2–3 साल का समय लगा मतलब गठित होने के बाद, जब Committee का गठन हो गया, तब उसके 2-3 साल का समय | जनवरी 2025 में घोषणा के बावजूद अभी तक अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति नहीं हुई है और यहाँ तक अक्टूबर भी बीतने को हैं, तो 2-3 महीने में तो 8th Pay Commission नहीं लागू किया जा सकता हैं, इसमें टाइम तो लगेगा, बहुत कुछ करना रहता हैं
देखा जाएँ तो अब सिर्फ 100 दिन बचे हैं, और इतनी कम अवधि में रिपोर्ट बनाना, अध्ययन करना और लागू करना लगभग असंभव दिख रहा है।

Some glimps on old Pay commissions

वेतन आयोगगठनलागूसमय
पहला (1946)19461946तत्काल
दूसरा (1957)195719603 साल
तीसरा (1970)197019733 साल
चौथा (1983)198319863 साल
पाँचवाँ (1994)199419973 साल
छठा (2006)200620082 साल
सातवाँ (2014)201420162 साल
timeline of pay commission

सरकार का इरादा क्या हैं और उनको कौन से Challenges का सामना करना पड़ रहा हैं

सरकार का इरादा है और पूरी तरीके से सरकार तत्पर है की और सरकार ने शुरुआत में ही कहा था कि 8वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होगा किसी भी तरीके से लागू कर दिया जाएगा, यहाँ तक कि वित्त मंत्रालय ने आयोग के कामकाज के लिए 35 पदों की भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है हालांकि अब इन पदों पर कौन आया है, इसका सार्वजानिक रूप से कोई अपडेट तो नहीं हैं, और सरकार यह भी ध्यान दे रही हैं कि सरकार पर वितीय संकट न गहरायें, तो Pay Commission को सही से लागू हो

क्या कहती हैं कर्मचारी यूनियनें 8th pay commission के बारे में

JCM और यूनियनें बार-बार सरकार को याद दिला रही हैं कि वादे के मुताबिक 1 जनवरी 2026 से लागू होना चाहिए किसी भी हाल में नहीं तो हम आन्दोलन करेंगे, और वे मांग कर रहे हैं कि ToR को तुरंत सार्वजनिक भी किया जाएँ, अगर देरी हुई तो वे आंदोलन और हड़ताल का सहारा ले सकती हैं। तो सरकार हमारी बातों को सुने, यूनियनों का कहना है कि सरकार चाहे तो फिटमेंट फैक्टर और पे मैट्रिक्स पर पहले निर्णय लेकर वेतन वृद्धि लागू कर सकती है। अगर बाद पूरे तरीके से Pay Commission लागू हो

फिटमेंट फैक्टर और Minimum Pay पर बहस भी हो रहा हैं

  • 7वां आयोग: फिटमेंट फैक्टर 2.57, न्यूनतम वेतन ₹18,000।
  • 8वें आयोग की उम्मीद: फिटमेंट फैक्टर 2.86, न्यूनतम वेतन ₹32,000 – ₹36,000।
  • यूनियनें चाहती हैं कि इसे 3.0 रखा जाए और न्यूनतम वेतन ₹40,000 से कम न हो।
  • सरकार की चिंता यह है कि इतनी बड़ी वृद्धि से वित्तीय घाटा और बढ़ सकता है। तो वह इतना फिटमेंट फैक्टर रखना नहीं चाहती

पेंशनरों की क्या चिंता हैं 8th Pay Commission को लेकर के

  • पेंशनरों के लिए Dearness Relief (DR) और Minimum Pension अहम मुद्दा है, उनका कहना है कि यूनियनें मांग कर रही हैं कि न्यूनतम पेंशन ₹20,000 तय हो DR को समय पर और पूरी तरह से लागू करने की गारंटी हो और साथ ही Family Pension को बेसिक पेंशन के 30% से बढ़ाकर 40% तक किया जाए।

क्या बनेगा नया रिकॉर्ड, संभव है साल भर से कम 8th Pay Commission को Implement करना?

  • पहले के जितने भी Pay Commission है उस टाइम पर Technology इतना एडवांस नहीं था, बहुत टाइम लगता था डाटा कलेक्ट करने में उसको पढ़ने में और भी बहुत कुछ लेकिन अब सबकुछ डिजिटल है: डेटा एनालिसिस, कैलकुलेशन और ड्राफ्टिंग पहले से तेज़ हो सकती है। सरकार राजनीतिक रूप से कर्मचारियों को खुश करना चाहेगी 8th Pay Commission को जल्दी लागू करके और यदि नवंबर 2025 तक आयोग का गठन हो जाता है, तो फिटमेंट फैक्टर और बेसिक वेतन वृद्धि पर जल्दी निर्णय लिया जा सकता है।
    लेकिन अतीत में कभी भी 2 साल से कम समय में आयोग की रिपोर्ट लागू नहीं हुई हैं लेकिन ऊपर जैसा कि मैंने बताया की उस टाइम डिजिटल युग नहीं था, तो पॉसिबल तो हैं की साल भर से कम भी इसको लागू कर दिया जाएँ

अगर देरी हुई तो क्या होगा?

  • कर्मचारियों और पेंशनरों को एरियर (Arrears) का लाभ मिलेगा, मतलब मतलब जबसे Implement होगा उससे पहले का उनका सैलरी तब जोड़ के दिया जाएगा, लेकिन उनका तात्कालिक होने वाला फायदा टल जाएगा। सरकार को एक साथ भारी बोझ उठाना पड़ेगा।

तो अंत में यही कहूँगा कि इतिहास गवाह है कि अब तक किसी भी वेतन आयोग को लागू करने में 2–3 साल लगे ही हैं कम-से-कम | यदि सरकार 8वें वेतन आयोग को सिर्फ 1 साल में लागू कर देती है, तो यह एक रिकॉर्ड-ब्रेकिंग उपलब्धि होगी। लेकिन फिलहाल नियुक्तियों और ToR में हो रही देरी यह संकेत देती है कि कर्मचारियों को शायद और इंतजार करना पड़े। अब हर चीज़ भविष्य के गर्भ ही छिपा हैं

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