8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट 200 दिन में चाहिए — NPS कर्मचारियों की यह मांग क्यों बिल्कुल सही है?

अभी  कल ही चंडीगढ़ की एक तस्वीर वायरल हुई है,  Deputy Commissioner के दफ्तर के बाहर कुछ लोग खड़े हैं — कागज़ हाथ में, चेहरे पर गंभीरता। यह कोई आम भीड़ नहीं है। यह All India NPS Employees Federation के पदाधिकारी हैं, जो प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन लेकर आए हैं।
मांग एक नहीं, चार-पाँच हैं। लेकिन सबसे बड़ी, सबसे तीखी मांग है — 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट 200 दिनों के अंदर पेश हो।
अब आप पूछेंगे, इसमें बड़ी बात क्या है?
बड़ी बात यह है कि देशभर के लाखों सरकारी कर्मचारी पिछले कई महीनों से इंतज़ार कर रहे हैं। Budget 2026 आया और चला गया — एक शब्द नहीं बोला गया 8th Pay Commission के बारे में। Confederation of Central Government Employees ने Cabinet Secretary को चिट्ठी लिखी। Nationwide strike की चेतावनी दी गई। और अब चंडीगढ़ से यह ज्ञापन भी सौपा गया है, अब आठवें वेतन आयोग के लिए | अब जो हैं, धीरे-धीरे आवाज़ें एक जगह जमा हो रही हैं।

8th pay commission deadline set by emloyees union

यह Federation है कौन और इनकी मांग क्यों जायज़ है?

All India NPS Employees Federation — यानी वे कर्मचारी जो National Pension System के तहत काम करते हैं। 2004 के बाद जितने भी central government employees join हुए, उन्हें OPS (Old Pension Scheme) नहीं मिली। उन्हें NPS दी गई, जो market-linked है। मतलब — retire होने पर कितनी pension मिलेगी, यह stock market के ऊपर निर्भर है। वैसे पेंशन के ऊपर मैंने एक आर्टिकल लिखा है, आप उसको भी देख सकते है|
Federation के अध्यक्ष सत्यवीर सिंह डागर के नेतृत्व में चंडीगढ़ chapter ने सोमवार को प्रधानमंत्री के नाम यह ज्ञापन Deputy Commissioner को सौंपा। और साफ कहा — 8वें वेतन आयोग की report को 200 दिन की समय-सीमा में submit होना चाहिए। ये लोग बिलकुल फर्म हैं, अपने मांग को लेकर के, उनका कहना हैं कि चाहे कुछ भी हो जाएँ, 200 दिन के भीतर ही सब कुछ हो, आज के टाइम में सब कुछ इतना डिजिटल है तो फिर इसमें इतना टाइम क्यूँ लग रहा हैं|

200 दिन की deadline ये लोग क्यूँ दे रहे हैं ?

इसके लिए आपको यहाँ एक ज़रूरी background समझना होगा।
8th Pay Commission को January 16, 2025 को cabinet से approval मिली थी, ठीक है, उसके बाद में Commission का गठन हुआ, Justice (Retd.) Ranjana Desai को chairperson बनाया गया और  Commission को 18 महीने का समय दिया गया report submit करने के लिए, ऐसा टर्म्स ऑफ़ रिफरेन्स में कहा गया,
लेकिन employees का कहना है — 18 महीने बहुत ज्यादा हैं। 7th Pay Commission ने भी देरी की थी और employees को करीब डेढ़-दो साल तक arrears का इंतज़ार करना पड़ा था। इस बार वही नहीं होना चाहिए। इसलिए, भी 200 दिन की मांग है— ताकि January 1, 2026 की implementation date meaningful बने, न कि सिर्फ कागज़ों पर.जल्दी से इसका फायदा कर्मचारियों को मिलें, वैसे थोड़े बहुत तो प्रोग्रेस हुए हैं, आठवें वेतन आयोग में, जैसे
Commission की website ज़रूर launch हुई है। MyGov portal पर feedback भी माँगा जा रहा है — और March 16, 2026 है deadline इसका लेकिन जब तक final report नहीं आती, जब तक government उसे accept नहीं करती, तब तक employees के खाते में एक रुपया भी extra नहीं जाएगा

8th pay commission shoulbe be submiting his reprot inless than 200 days

बाकी मांगे और कौन सी है इस Federation के द्वारा ?

Federation ने सिर्फ timeline की मांग नहीं की। कुछ और बातें भी उठाई गई हैं, जो बहुत ज़रूरी हैं। उन मांगों को मैंने नीच बता दे रहा हूँ,  ताकि आप देख लें, और समझ लें –

पहली मांग — NPS/UPS कर्मचारियों को retire होने पर OPS का लाभ मिले।

यह मांग दशकों से चली आ रही है। OPS का मतलब है — last drawn salary का 50% guaranteed pension, हर महीने, जिंदगी भर। NPS में ऐसी कोई guarantee नहीं है। बाज़ार अच्छा रहा तो ठीक, नहीं रहा तो फिर समझ ही जाइए,
और इस Federation  का कहना है कि यही तो problem है।
Confederation of Central Government Employees ने भी Terms of Reference में OPS restoration शामिल करने की demand की है —लेकिन अभी तक वह unaddressed है। सरकार ने कोई जवाब नहीं दिया हैं, इसको लेकर के,26 लाख से ज्यादा employees अभी भी OPS की वापसी का इंतज़ार कर रहे हैं।

दूसरी मांग — 30 मार्च 2021 का प्रावधान सभी केंद्र शासित प्रदेशों और स्वायत्त संस्थाओं में समान रूप से लागू हो।

यह एक बड़ी inconsistency है। एक ही central government के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग नियम — यह कर्मचारियों में असंतोष का बड़ा कारण है। जब तक uniform implementation नहीं होगी, तब तक कुछ employees को लाभ मिलेगा और कुछ वंचित रहेंगे।

तीसरी मांग — केंद्र और राज्य कर्मचारियों के वेतन ढाँचे में समानता।

यह भी एक पुरानी और valid मांग है। केंद्र और राज्य के employees के बीच pay structure में बड़ा अंतर है — और यह अंतर अक्सर state employees के नुकसान में रहता है। मैं एक ट्विटर पोस्ट लगा दूंगा, जहाँ आप देख पायेंगे कि उत्तर प्रदेश का के सरकारी शिक्षक का सैलरी और बिहार के सरकारी शिक्षक के सैलरी में कितना अंतर है, जबकि दोनों एक ही काम करते हैं | इसलिए भी इस मांग को उठाया जा रहा हैं|
तो यह सब कुछ मांगे हैं, जो यह संगठन उठा रही है, 200 दिन के डेडलाइन के अलावे |

Budget 2026  में आठवें वेतन आयोग के लिए क्या हुआ था,

February 1, 2026 को जब Finance Minister Nirmala Sitharaman Budget पेश कर रही थीं, तब देशभर के लाखों government employees TV के सामने बैठे थे। Infrastructure की बात हुई, capex की बात हुई, schemes की बात हुई — लेकिन 8th Pay Commission का एक शब्द नहीं। हाँ करीब 23 करोड़ रूपये, कुछ सरकार ने ऑफिस से लेकर के कुछ सेटअप करने के लिए थे,

Budget में आठवें वेतन के कोई भी उल्लेख न होने के कारण, Confederation of Central Government Employees ने तुरंत reaction दिया। Cabinet Secretary को चिट्ठी गई। और साफ चेतावनी दी गई — 12 February 2026 को nationwide one-day strike, वैसे इसके ऊपर भी मैंने एक आर्टिकल लिखा है, आप उसको देख सकते हैं|

8th Pay Commission से actually क्या उम्मीदें हैं?

Experts और employee unions अलग-अलग estimates दे रहे हैं। Fitment factor के बारे में सबसे ज्यादा चर्चा है — 2.28 से लेकर 3.00 तक के figures सामने आ रहे हैं।
अगर fitment factor 2.28 रहा — जो सबसे conservative estimate है — तो minimum basic salary ₹18,000 से बढ़कर लगभग ₹41,000 हो सकती है। और अगर 2.86 का factor लगा, तो यही salary ₹51,480 तक जा सकती है।
Pensioners के लिए भी बड़ी बात यह है कि minimum pension ₹9,000 से बढ़कर ₹20,500 से ₹25,740 तक हो सकती है।
और DA का क्या होगा? जनवरी 2026 में DA 60% हो गया है। जब 8th CPC implement होगा, यह 60% DA basic pay में merge हो जाएगा, और फिर नए basic pay पर DA की calculation नए सिरे से शुरू होगी। All India NPS Employees Federation ने एक दिलचस्प suggestion भी दिया है — कि जब DA 74% तक पहुँचे तो सिर्फ 50% merge हो, बाकी 24% DA के रूप में बना रहे। ऐसा ये लोग कह रहे हैं, अब देखिये सरकार उनके इस मांग को मानती ही है या नहीं |

तो अंत में मैं यही बोलूँगा कि 200 दिन की deadline माँगना कोई unrealistic बात नहीं है। 7th Pay Commission में जो हुआ था, लंबी देरी, employees का इंतज़ार, arrears का झमेला,  वह जो है, अब दोबारा न हो, यही federation चाहती है। तो ऐसे जो भी नए अपडेट आयेंगे, मैं आपको बताता रहूँगा, अभी के लिए बस इतना ही |

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

Q1. All India NPS Employees Federation ने 200 दिन की deadline क्यों माँगी है?
Employees चाहते हैं कि report जल्दी आए ताकि implementation में देरी न हो और arrears का लंबा इंतज़ार न करना पड़े।

Q2. NPS और OPS में क्या फर्क है?
OPS में guaranteed pension मिलता है, जबकि NPS market-linked system है और pension amount investment returns पर निर्भर करता है।

Q3. Budget 2026 में 8th Pay Commission को लेकर क्या हुआ?
Budget में salary revision की घोषणा नहीं हुई। केवल Commission office setup के लिए fund रखा गया।

Q4. 8th Pay Commission से salary कितनी बढ़ सकती है?
Minimum basic salary ₹41,000 से ₹51,480 तक और minimum pension ₹20,500 से ₹25,740 तक हो सकती है (fitment factor पर निर्भर)।

Q5. 8th Pay Commission लागू होने पर DA का क्या होगा?
DA नई basic pay में merge हो जाएगा और फिर calculation नई basic pay से शुरू होगी।

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