8th Pay Commission में Terms of Reference में क्या-क्या कहा गया हैं|

तो सरकार ने Finally  Terms of Reference की घोषणा कर ही दी गयी, 8वें वेतन आयोग की घोषणा हो गई है और अब हम जानते हैं कि आयोग के सदस्य कौन हैं। उनके नाम क्या हैं, उनका इतिहास क्या रहा है,  इतना ही नहीं, यह भी तय हो गया है कि आयोग की अध्यक्षता कौन करेगा। तो आज हम जानेंगे कि इन सभी लोगों की भूमिका क्या होगी, और उनका क्या असर पड़ेगा सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स पर।

8th pay commission terms of reference

8th Pay Commission  आयोग के सदस्य कौन-कौन से हैं?

जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई इनको चेयरपर्सन बनाया गया हैं |

जस्टिस रंजना देसाई का नाम आपने सुना ही होगा,अगर नहीं सुना है तो आज सुन लीजिये,  क्योंकि ये एक रिटायर सुप्रीम कोर्ट जज हैं, जस्टिस देसाई पहले भी कई महत्वपूर्ण कमेटियों की सदस्य रह चुकी हैं, जैसे Delimitation के मेम्बर में भी ये शामिल हैं | और अब वे 8वें वेतन आयोग की अध्यक्ष होंगी। सरकार ने इसकी घोषणा कर दी हैं, ये रंजना जी जो हैं, वो एक ऐसी शख्सियत, जो न्यायिक क्षेत्र में अपनी अहम भूमिका तो निभा ही चुकी हैं, अब सरकारी कर्मचारियों के वेतन और पेंशन के मुद्दे पर काम करेंगी और 8th Pay Commisison की Chairperson होगी |

प्रोफेसर पुलक घोष को इसका सदस्य बनाया गया हैं|

प्रोफेसर पुलक घोष, IIM बैंगलोर में पब्लिक पॉलिसी और इकोनॉमिक्स के प्रोफेसर हैं। हाल-फिलहाल में ही इन्होने इसका पदभार संभाला हैं,  इन्होंने कई रिसर्च और पॉलिसी एनालिसिस किए हैं इससे पहले भी,  जो सरकारी योजनाओं और आर्थिक नीतियों को समझने में मदद करते हैं और आम जानता ने भी, इसको फायदा उठाया हैं, और इन्ही सब अनुभव को लेकर के, उनको मतलब प्रोफेसर पुलक घोष को 8th Pay commisison का एक मेम्बर बनाया गया हैं |

पंकज जैन की 8th Pay Commission के कमिटी में क्या भूमिका होने वाली हैं ?

पंकज जैन, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव हैं अभी वर्त्तमान में। इन्होंने प्रशासनिक क्षेत्र में लंबा समय बिताया है और इन्होंने कई जटिल मुद्दों को हल भी किया है। पंकज जैन का अनुभव से 8th Pay Commission के कमीटी को फायदा मिलेगा, सरकार उनके इसी अनुभव के कारण उनको भी 8th Pay Commission के कमिटी का सदस्य नियुक्त किया हैं |

आयोग की रिपोर्ट कब आएगी सरकार ने कितना टाइम दिया हैं |

अब बात करते हैं कि रिपोर्ट कब आएगी? तो आयोग को अपनी सिफारिशें 18 महीने के अंदर सरकार को सौंपनी हैं,अशिवनी वैष्णव ने प्रेस कांफ्रेस में इसके बारे में बोला था,  यानी अप्रैल 2027 तक। हालांकि, अगर आयोग जल्दी काम करता है तो रिपोर्ट 2026 के अंत तक भी आ सकती है। उनको मैक्सिमम टाइम इतना दिया गया हैं, मतलब 18 महिना Maximum Time हैं, इससे कम भी इसको सौपा जा सकता हैं |

Terms of Reference (ToR) की ऑफिसियल घोषणा कब की  गयी ?

28 October को प्रेस कांफ्रेस के द्वारा, इसकी घोषणा की गयी थी,  कि ये-ये इंसान इसके सदस्य होने वाले हैं, और तभी पूरे देश भर में इस खबर को लेकर के लोगों को पता चला,  मैं वो विडियो कांफ्रेस जो किया गया था, वो भी आपको बता दूंगा और मतलब उसका लिंक दे दूंगा तो आप खुद ही देख सकते हैं, उसका ऑफिसियल मैं जो आर्डर हैं, वो भी पीडीऍफ़ में दे दूंगा,

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8th Pay Commission के सदस्यों की क्या भूमिका होगी ?

  1. जस्टिस रंजना देसाई: इनकी भूमिका आयोग की अध्यक्ष के रूप में सबसे महत्वपूर्ण होगी। इनके देख-रेख में सब कुछ किया जाएगा, जस्टिस देसाई की जिम्मेदारी होगी कि वे आयोग के सारे काम को ठीक से दिशा दें और सिफारिशों के बारे में सरकार को समझाएं। और अपना जो मज़बूत नेतृत्व हैं, उसको लोगों के सामने रखें|
  2. प्रोफेसर पुलक घोष: इनकी भूमिका पॉलिसी एनालिसिस और आर्थिक दृष्टिकोण से होगी। चूँकि इनकी यही विशेषता हैं,  सरकारी कर्मचारियों के वेतन और पेंशन में हो रहे बदलावों के प्रभाव का आंकलन करना इनकी जिम्मेदारी होगी। खूब अच्छे से इनको अध्ययन करना होगा, और उस हिसाब से सब कुछ तय करना होगा,
  3. पंकज जैन: पंकज जैन का काम आयोग के प्रशासनिक पक्ष को संभालने| सरकार के सभी पक्षों के साथ बातचीत  और वेतन आयोग के फैसलों के निष्पक्ष मूल्यांकन करना पंकज जैन की जिम्मेदारी होगी। उम्मीद है ये अपनी जिम्मेद्दारी भी अच्छे से निभाएंगे|

 क्या असर पड़ेगा सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स पर?

जैसा कि हम जानते हैं, 8वां वेतन आयोग कर्मचारियों के वेतन और पेंशन को बिलकुल बदल के रख देगा, यह कर्मचारियों के जीवन जीने का जो तरीका हैं, वो भी बदलेगा, ये अब अच्छे सामान खरीद पायेंग, रिपोर्ट में ये संभावनाएं हैं कि कर्मचारियों को 3 गुना तक वेतन वृद्धि मिल सकती है। पेंशनर्स के लिए भी बढ़ोतरी की उम्मीद है। यानि सरकार की तरफ से एक बड़ी राहत मिल सकती है। और उनका जीवन सुधार सकता हैं, चाहे वो केंद्र के सरकारी कर्मचारी हो, या पेंसनर हो, सब को 8th Pay Commission से फायदा होने वाला हैं |  

आयोग का कार्यप्रणाली कैसा होने वाला हैं |

आयोग का कार्यप्रणाली एकदम पारदर्शी होगी। इसके लिए आयोग पहले सरकारी कर्मचारियों के साथ विचार विमर्श करेगा, उनकी समस्याओं को समझेगा और फिर अपनी सिफारिशें तैयार करेगा। बहुत सारे संगठन ने कहा है कि 8th Pay Commission में उनको भी शामिल किया जाएँ या उनसे भी विचार लिया जाएँ,  तो उनको सबके साथ संवाद करना होगा, ताकि सबका पक्ष सुना जा सके। सब को अच्छे से खुश किया जा सके |

सोशल मीडिया पर इसके लेकर के क्या प्रतिक्रिया हैं ?

कुछ लोगों ने Positivie reaction दिए हैं, तो कुछ लोगों ने negative reaction दिए हैं,कुछ के रहे हैं, एक peon की सैलरी भी बहुत बढ़ सकती हैं, प्राइवेट वाले बेचारे  आज भी घिस रहे हैं, बॉस से गाली सुन रहे हैं,

nalini ungar on 8th pay commission

तो आख़िर में यही कहूँगा कि  यह वेतन आयोग का बदलाव सच में बहुत बड़ी बात होने वाल हैं,  हर किसी की नजर इस पर टिकी हुई है। कितना फिटमेंट फैक्टर होगा, क्या Pay Matrix Table में कोई बदलाव किया जाएगा, वैस  8वें वेतन आयोग से जुड़े जो सदस्य हैं,वो बहुत काबिल लोग हैं और इनकी कार्यशैली भी काफी प्रोफेशनल होने वाली है। मुझे तो लगता है कि इस बार कुछ बड़ा होगा सब खुश होंगे, सरकारी कर्मचारी तो खुश होंगे ही |

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