तो जबसे भारत सरकार द्वारा 8th Pay Commission के गठन की मंजूरी दी गयी हैं, तबसे लगभग 50 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 65 लाख पेंशन लेने वाले जो हैं, वो 8th Pay Commission के Implement होने का इंतज़ार कर रहे हैं ? यह आयोग 1 जनवरी 2026 से लागू होने की उम्मीद है लेकिन अभी जो नया Update आया हैं, जिसमें सरकार ने कहा है कि 18 महीने अभी लगेंगे Terms of Reference बनने में ही, तो यह 2027 तक लागू किया जा सकता हैं | वैसे Pay Commission जो होता हैं, यह केवल सैलरी बढ़ने के लिए ही नहीं होता हैं, बल्कि सरकार बहुत साड़ी चीजें देखती हैं, जैसे अभी Inflation क्या चल रहा हैं, सरकारी कर्मचारी हैं, उनको कोई दिक्कत तो नहीं हो रहा हैं, वह अपना जीवनयापन हैं, वो सही से कर पा रहे हैं या नहीं, यह सारी चीजें देखि जाती हैं, फिर तय किया जाता हैं, वैसे हम इस लेख में fitment factor, salary hike, arrears calculation और implementation timeline के बारे में भी जानेंगे |

Pay Commission का इतिहास क्या हैं ?
भारत में Pay Commission की शुरुआत के आजाई के जस्ट बाद ही कर दिया गया था, हर 10 वर्षों में सरकार क्या करती हैं कि एक नया Pay Commission गठित करती है जो केंद्रीय कर्मचारियों जो होते हैं, उनके वेतन, भत्तों और पेंशन के बारे में Reivew करता है। फिर तय करता हैं कि कितना क्या करना हैं, कितना सैलरी बढ़ाना हैं और भी बहुत कुछ |
1st से 7th Pay Commission का क्या इतिहास रहा हैं ?
| Pay Commission | Year |
| 1st Pay Commission | 1946 |
| 2nd Pay Commission | 1957 |
| 3rd Pay Commission | 1973 |
| 4th Pay Commission | 1986 |
| 5th Pay Commission | 1997 |
| 6th Pay Commission | 2008 |
| 7th Pay Commission | 2016 |
अब 8th Pay Commission के लागू होने का इंतज़ार किया जा रहा हैं, और इसमें कौन-से महतापूर्ण चेंज लाया जाता हैं, उसका इंतज़ार किया जा रहा हैं |
8th Pay Commission आखिर हैं क्या?
8th Pay Commission एक सरकारी समिति है, जिसमें कुछ मेम्बर होता हैं,जो तय करते हैं,कितना सैलरी बढ़ाना हैं, जो केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन, भत्तों और पेंशन structure की comprehensive मतलब खूब डिटेल में, review करती हैं। 16 जनवरी 2025 को Union Cabinet ने इसके गठन को मंजूरी दी, 28 octobor को Terms of reference की मंज़ूरी दे दी गयी, तो कुल मिला के बात यही है कि जैसे 7th Pay Commission में था, वैसे ही 8th Pay commission का हैं |
Fitment Factor कितना हो सकता हैं ?
Fitment factor जो कि सबसे महतापूर्ण हैं, इससे ही तय होता हैं कि कितना बेसिक पे में वृद्धि होगा, Kotak Bank ने कहा है कि Fitment Factor 1.80-1.92 तक रह सकता हैं,
fitment factor किसी भी Pay Commission का सबसे यहाँ तक कि 8th Pay Commission का भी सबसे critical element है। यह एक multiplier है जो current basic pay को new basic pay में convert करता है। तो जैसा कि मैंने बताया कि Kotak Bank ने कहा है कि Fitment Factor 1.80-1.92 तक हो सकता हैं |
Fitment Factor कैसे काम करता है?
इसका सिंपल फौर्मुला है यही है कि New Basic Pay = Current Basic Pay × Fitment Factor
Example Calculation:
यदि fitment factor 1.92 है और current basic pay ₹18,000 हैं तो जो New Basic Pay होगा वो होगा, ₹18,000 × 1.92 = ₹34,560
अब एक और उदहारण लेते हैं, यदि fitment factor 2.86 है और तब New Basic Pay जो हो जाएगा, वो होगा = ₹18,000 × 2.86 = ₹51,480
तो ऐसे Fitment Factor काम करता हैं |
Historical Fitment Factors Comparison
| Pay Commission | Year | Fitment Factor | Minimum Basic Pay |
| 6th CPC | 2008 | 1.86 | ₹7,000 |
| 7th CPC | 2016 | 2.57 | ₹18,000 |
| 8th CPC | 2026 | 1.92 – 2.86 (Expected) | ₹34,560 – ₹51,480 |

8th Pay Commisison का Expected Basic Salary कितना हो सकता हैं ?
नीचे मैंने इसका फोटो बनाया हुआ हैं, आप देख सकते हैं कि 8th Pay Commisison का जो Expected Basic Pay हैं वो कितना हो सकता हैं –
Dearness Allowance (DA) कितना हो सकता हैं 8th Pay Commission में |
जैसे 7th Pay Commission में DA शुरू के 6 महीने के लिए जीरो हो गया था, ठीक वैसे ही हो सकता हैं, 8th Pay Commission के लिए |
Terms of Reference (ToR) क्या हैं और यह क्यूँ ज़रूरी होता हैं ?
Terms of Reference वे official guidelines हैं जो define करती हैं कि Commission का scope of work क्या होगा, किन aspects को cover करना है और Timeline कितना होगा मतलब कब तक, इसको फिनिश करना हैं, और इसके जो milestones वो क्या होगा, मतलब किन से चुनातियों से लड़ना हैं, Consultation process सब कुछ Terms of Refrences से ही तय होता हैं |
भारत सरकार ने 8वें वेतन आयोग के गठन के लिए जो Terms of Reference (ToR) अभी जारी किए हैं, उनका जो उद्देश्य है यह तय करने के लिए है कि कर्मचारियों के वेतन और भत्तों में सुधार के लिए कौन से जो ज़रूरी चीज़ हैं, उस पर ध्यान दिया जाएगा।
8वें वेतन आयोग के Terms of Reference यह बताने में मदद करते है की करने में मदद करते हैं कि जो भी काम किया जा रहा हैं, वो बिलकुल सबके सामने हो, उसमें कोई भी दिक्कत न हो, कोई भी किसी भी को भी अँधेरा में न रखा जाएँ |
तो अंत आर्टिकल के समाप्ति पर यही बात, कही जा सकती हैं, हमने सब कुछ वैसे तो कवर कर ही लिया हैं, Expected Fitment Factor से लेकर के, Expected Salary तक, सब कुछ हमने कवर कर लिया हैं, अब देखने की बाद, वैसे Terms of Reference की तो मंज़ूरी दे दी गयी हैं, अब देखने की बात हैं कि सरकार तक 8th Pay Commission को Implement कर देता हैं, जितने भी केंद्र के कर्मचारी हैं, वे इसके इंतज़ार में हैं |