7वें और 8वें वेतन आयोग की तुलना: कर्मचारियों को कितना मिलेगा ज़्यादा फायदा?

देशभर के 1.2 करोड़ से भी बहुत ज्यादा केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनभोगी इन दिनों 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर चर्चाओं में हैं। हर जगह इसकी चर्चा तो हो रही हैं, 7वां वेतन आयोग, जो 1 जनवरी 2016 से लागू हुआ था और ऐसा बताया जा रहा है कि 8th Pay Commission भी 2026 में लागू हो सकता हैं, 7th CPC कर्मचारियों के लिए कई बड़े बदलाव लेकर आया था। अब सवाल यह है कि 8वां वेतन आयोग भी उतना ही बदलाव लेकर आयेगा उअर कितना बड़ा लाभ देगा और क्या यह कर्मचारियों की उम्मीदों पर खरा उतरेगा जैसी अपेक्षा वो 8th Pay Commission को लाकर कर रहे हैं। इस आर्टिकल में में हम विस्तार से देखेंगे कि 7वें और 8वें वेतन आयोग में क्या-क्या मुख्य अंतर है, कर्मचारियों को किन मोर्चों पर ज्यादा फायदा हो सकता है, और किन चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है आने वालें pay Commission में।

7वें और 8वें वेतन आयोग की तुलना कर्मचारियों को कितना मिलेगा ज़्यादा फायदा

7वां वेतन आयोग: क्या बदलाव हुए थे?

तो 7th Pay Commission से पहले जो 7वें वेतन आयोग में जो बड़े सुधार हुए थे, जिनका असर कर्मचारियों पर पड़ा था, पहले उसके बारे में देखते हैं –

  • फिटमेंट फैक्टर: 7वें आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 तय किया गया था। जिससे बेसिक सैलरी में लगभग 30% का उछाल आया था। इसका मतलब था कि 6वें आयोग के बेसिक वेतन को 2.57 से गुणा कर नया बेसिक वेतन तय हुआ।

भत्ते (Allowances):

कई सारे नए भत्ते लाए गए थे और 7th Pay Commission में जैसे –

  • HRA (House Rent Allowance): 24%, 16%, और 8% की दरें लागू की गईं।
  • DA (Dearness Allowance): हर छह महीने में संशोधित।
  • अन्य विशेष भत्तों को भी नया रूप दिया गया बिल्कुल नया रूप।

पेंशन और रिटायरमेंट बेनिफिट्स:

  • पेंशन की गणना नए वेतनमान पर आधारित हुई।
  • पेंशनधारकों को भी DA (Dearness Relief) का लाभ मिला।

अन्य सुधार:

  • स्वास्थ्य बीमा योजना को भी लागू की गई, आप CGHS के बारे में ज़रूर सुनते होंगे।
  • पे लेवल और पे मैट्रिक्स को पेश किया गया था, Grade pay के जगह पर।

8वां वेतन आयोग: क्या हो सकती हैं संभावित सिफारिशें?

हालांकि 8वें वेतन आयोग की आधिकारिक रिपोर्ट अभी तक तो आई नहीं है, लेकिन विशेषज्ञों और कर्मचारी संगठनों की चर्चा के आधार पर कई अनुमान लगाए जा रहे हैं। जो कि सच हो सकता हैं –

  1. फिटमेंट फैक्टर: अनुमान है कि इसे 1.92 से 2.86 के बीच रखा जाएगा। Kotak Bank ने कहा है 1.8 Fitment Factor हो सकता हैं। और अगर 2.86 लागू हुआ तो कर्मचारियों का वेतन लगभग दोगुना हो सकता है। जो कि बहुत अच्छा हैं।
  2. न्यूनतम वेतन: वर्तमान में न्यूनतम बेसिक वेतन ₹18,000 है। 8वें वेतन आयोग में यह ₹32,000 से ₹36,000 तक जाने का अनुमान हैं, मतलब लगभग दुगुना होने का अनुमान हैं।
  3. भत्ते (Allowances): HRA को नए बेसिक वेतन के आधार पर संशोधित किया जाएगा। कुछ नए भत्ते भी लाए जा सकते हैं, जैसे एक आदमी ने Computer and mobile allowance माँगा था।
  4. पेंशन सुधार: पेंशन की गणना नए फिटमेंट फैक्टर के आधार पर तो होगा ही, लेकिन Old Pension Scheme लाने के लिए भी सरकारी कर्मचारी कह रहे हैं।

सीधी तुलना: 7वां बनाम 8वां वेतन आयोग

पहलू7वां वेतन आयोग (2016)8वां वेतन आयोग (2026 अनुमानित)
न्यूनतम वेतन₹18,000₹32,000 – ₹36,000
फिटमेंट फैक्टर2.571.92 – 2.86
HRA24%, 16%, 8%संशोधित, 20–27% Possible
DAहर 6 महीने में, 0–50% तक55% से बढ़कर 58%
पेंशननए वेतनमान पर आधारितफिटमेंट फैक्टर से स्वतः बढ़ेगी
सुधारस्वास्थ्य बीमा योजनाडिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, परफॉर्मेंस पे
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कर्मचारियों को कितना होगा फायदा?

उदाहरण:
मान लीजिए किसी कर्मचारी का वर्तमान बेसिक वेतन ₹30,000 है। 7th Pay Commission में –

  • 7वें वेतन आयोग (2.57):
    नया वेतन = ₹30,000 × 2.57 = ₹77,100
  • 8वें वेतन आयोग (अनुमानित 2.86):
    नया वेतन = ₹30,000 × 2.86 = ₹85,800

यानी सिर्फ फिटमेंट फैक्टर के आधार पर ही लगभग ₹8,700 अतिरिक्त मासिक लाभ। और तो यह बहुत होता हैं।

पेंशनरों पर असर

  • 7वें आयोग में पेंशन new Pay matrix के आधार पर था, इसमें भी ऐसा बताया जा रहा हैं, पेंशन में कितना वृद्धि होता हैं यह भी Fitment Factor ही निर्भर करता हैं, तो अब देखते हैं, सरकार कितना फिटमेंट फैक्टर करती हैं।

सरकारी कर्मचारी क्या-क्या मांगे कर रहे हैं?

  • Minimum Basic Pay कम-से-कम 30,000 हो।
  • फिटमेंट फैक्टर 3.0 से कम न हो। चूँकि फिटमेंट फैक्टर ही सब कुछ हैं।
  • DA और HRA महंगाई के हिसाब से उसमें संशोधित किया जाएँ और बढ़ाया जाएँ।
  • वेतन आयोग हर 5 साल में गठित हो, न कि 10 साल बाद।
  • Old Pension Scheme को वापस लाया जाएँ।

सरकार के कौन से ऐसे चैलेंज अभी फेस करने पड़ रहे हैं, 8th Pay Commission से रिलेटेड

तो जनवरी 2025 में मंजूरी मिलने के बावजूद 8वें वेतन आयोग का गठन अब तक नहीं हुआ है। कोई कुछ अपडेट भी नहीं हैं, अभी तक, कौन चेयरमैन होगा, इसका भी सरकार ने अभी तक कोई जानकारी नहीं दी हैं।

निष्कर्ष

तो हम जैसा की जानते हैं कि 7वें वेतन आयोग ने कर्मचारियों के लिए बड़ा बदलाव किया था, लेकिन 8वां वेतन आयोग उससे कहीं ज्यादा प्रभावी हो सकता है अगर सरकार इसको टाइम से और सही लागू करें तो, अब देखिये सरकार कब तक 8th Pay Commission को लागू करती हैं।

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